एजुकेशन डेस्क. एक समय था, जब योग को सिर्फ खुद की फिटनेस से जोड़ कर देखा जाता था, लेकिन आज योग थेरेपी कॅरिअर का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। दुनिया भर में योग की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से इस क्षेत्र में लगातार कॅरिअर के नए अवसर खुल रहे हैं। एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, 53 प्रतिशत कॉर्पोरेट कंपनियां वर्कप्लेस में योग सेशंस के विकल्प को चुन रही हैं, जिससे कर्मचारी बीमार कम हों, उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे और कंपनी की प्रॉडक्टिविटी बढ़े।
तीन सालों में होगा 10 लाख नौकरियां
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस लिहाज से आने वाले तीन सालों में 10 लाख से ज्यादा नौकरियां योग थेरेपी की फील्ड में होंगी। हाल ही में इग्नू ने भी योग पर एक सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें स्टूडेंट्स 12वीं के बाद एडमिशन ले सकते हैं। कई यूनिवर्सिटीज योग साइंस में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी कराती हैं। कोर्स पूरा करने के बाद योग एक्सपर्ट के तौर पर एजुकेशन, हेल्थ, कॉर्पोरेट सेक्टर, रिसर्च और हायर एजुकेशन के क्षेत्र में अच्छा कॅरिअर बनाया जा सकता है।
अलग-अलग सेक्टर्स में जॉब
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में वेलनेस इंडस्ट्री लगभग 490 बिलियन डॉलर की है। इसका 40 प्रतिशत वेलनेस सर्विस से आता है। वहीं दूसरी तरफ, जहां पहले सिर्फ 40 से अधिक उम्र के लोग बीए योग कोर्स में एडमिशन लेते थे, अब युवा बारहवीं के बाद भी फुल टाइम योग कोर्स में एडमिशन ले रहे हैं। हालांकि योग साइंस में कॅरिअर सिर्फ ट्रेनर तक ही सीमित नहीं है। योग की डिग्री के बाद आप हॉस्पिटल और वेलनेस सेंटर्स में योग थेरेपिस्ट के तौर पर भी काम कर सकते हैं। इसके अलावा स्कूलों में योग टीचर और अलग-अलग कंपनियों में बतौर ट्रेनर भी काम कर सकते हैं।
इग्नू का सर्टिफिकेट प्रोग्राम
हाल ही में इग्नू ने योग में सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। 2019 के जुलाई सत्र से शुरू हुए इस प्रोग्राम का कोर्स मटेरियल अंग्रेजी भाषा में है। बारहवीं के बाद स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसी खास स्ट्रीम से होना जरूरी नहीं है। योग का ये सर्टिफिकेट प्रोग्राम इग्नू के हरिद्वार, भुवनेश्वर, दिल्ली, बेंगलुरु, जयपुर, मुंबई, पुणे और चेन्नई सेंटर्स पर उपलब्ध है। इस कोर्स की अवधि 6 माह होगी और कोर्स पूरा करने के लिए अधिकतम दो वर्षों का समय दिया जाएगा।
एलिजिबिलिटी
योग थेरेपी में बीए और बीएससी कोर्स में एडमिशन के लिए बारहवीं में 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। योग की ऐसी कई ब्रांचेज हैं, जिनमें आप ग्रेजुएशन के बाद मास्टर्स भी कर सकते हैं। इनमें डिपार्टमेंट ऑफ योग एजुकेशन, डिपार्टमेंट ऑफ योग थेरेपी, डिपार्टमेंट ऑफ योग फिलॉसफी, डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन एनाटॉमी, डिपार्टमेंट ऑफ अलायड साइंसेज और डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन फिजियोलॉजी जैसे विभाग शामिल हैं।
सैलरी
इस फील्ड में शुरुआती सैलरी 25 से 40,000 रुपए के बीच हो सकती है। दरअसल, योग प्रोफेशनल्स की मांग पर्सनल ट्रेनर के रूप में भी बढ़ी है और गवर्नमेंट- प्राइवेट सेक्टर्स के द्वारा ऑर्गेनाइज किए जा रहे वर्कशॉप्स के लिए भी। अगर आप डिग्री या डिप्लोमा के साथ स्पेशलाइज्ड योग ट्रेनर हैं, तो प्रति घंटे के हिसाब से 500 से 1000 रुपए तक की फीस ले सकते हैं। टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी योग सीखने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी है। यहां भी योग सेंटर्स खुल रहे हैं। अगर आपके पास योग में डिग्री या डिप्लोमा है तो इन योग सेंटर्स में भी जॉब मिल सकती है।